
नागपुर. शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव के उत्तम गुणों की स्तुति करता है। इन गुणों की स्तुति सकारात्मक ऊर्जा देने के साथ-साथ मनोबल बढ़ाने का कार्य करती है। जहां भी अहंकार जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, वहां उसे दूर करने के मार्ग आध्यात्म से प्राप्त होते हैं। शिव तांडव स्तोत्र के पाठ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हमें सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण करनी चाहिए। यह विचार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां व्यक्त किए। कामठी स्थित श्री महादेव घाट परिसर में आज शिव तांडव स्तोत्र पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक परिणय फुके, पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर, राजे मुधोजी भोसले आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कामठी स्थित शिवराज्य प्रतिष्ठान द्वारा इस भव्य कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की और उनकी आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान महिलाओं के आत्मरक्षा हेतु विभिन्न उपक्रमों का आयोजन करता है। साथ ही, शिव तांडव स्तोत्र पाठ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हमारी आध्यात्मिक विरासत को आगे ले जाने का यह प्रयास सराहनीय है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शिव तांडव स्तोत्र पाठ जैसे अनूठे उपक्रम की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।